आर.टी.ओ. के नए नियमों को 11 राज्योंसे विरोध

        केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन के लिए लगातार पांच वर्षों तक प्रयास किया है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में ये प्रयास सफल हो रहे है। लेकिन विभिन्न राज्यों ने इन नियमों (नए मोटर वाहन अधिनियम २०१९) के खिलाफ राज्यों ने विद्रोह कर दिया है। विशेष रूप से, यातायात नियमों द्वारा लगाए गए जुर्माना का उल्लंघन 11 अलग-अलग राज्यों द्वारा किया जा रहा है। इसमें गुजरात, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे भाजपा शासित राज्य भी शामिल हैं।

        संविधान में सातवें अनुसूचित केंद्र, राज्य और समवर्ती ऐसी तीन सूचियाँ हैं। इसमें परिवहन का विषय समवर्ती सूची में आता है। केंद्र और राज्य दोनों को समवर्ती सूची पर कानून बनाने का अधिकार है। लेकिन राज्य इस सूची के आधार पर केंद्र के किसी भी कानून का विरोध कर सकते हैं। कई राज्यों ने मोटर वाहन अधिनियम पर भी आपत्ति जताई है, जो किसी भी राज्य को बाध्य नहीं कर सकता है।

     भाजपा शासित महाराष्ट्र सरकार ने कानून लागू करने से इनकार कर दिया है। कर्नाटक सरकार ने यह भी कहा है कि वह जुर्माना राशि पर विचार करेगा। इससे पहले, गुजरात ने जुर्माना 50% घटा दिया था। गोवा सरकार ने कहा है कि वह दंडित होने से पहले लोगों को अच्छी सड़कें देगी। गोवा के परिवहन मंत्री ने कहा कि सरकार दिसंबर तक अच्छी सड़कें बनाके देगी और जनवरी से कानून लागू करेगी।

        कांग्रेस शासित राज्य मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पंजाब ने नए कानून का पूरी तरह से विरोध किया है। राजस्थान ने 33 प्रावधानों में से 17 को संशोधित करके जुर्माना घटा दिया। मध्य प्रदेश में भी नये कानून में संशोधन किया जाएगा।

        पश्चिम बंगाल नए मोटर वाहन कानून को लागू करने से इनकार कर रहा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह कानून लोगों पर एक अतिरिक्त बोझ है। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा है कि लोगों में कानून लागू करने से पहले जागरूकता बढ़ानी चाहिए।

About the author

Sachin

Hey there !

View all posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *